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EPF क्या है और किन-किन मामलों मे लागू होती है आइए जाते है पूर्ण जानकारी।

EPF को हिन्दी मे कर्मचारी भविष्य निधि के नाम से और अंग्रेजी मे Employees’ Provident Fund के नाम से जाना जाता है। EPF केन्द्र सरकार व्दारा संचालित एक भविष्य सेविंग्स स्कीम है, जिसे कर्मचारी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम भी कह सकते है, जो नौकरी पेशा कर्मचारियों के लिए होती है। इसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), जो कि श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होता है। इस योजना में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों अपने-अपने हिस्से के रूप में मासिक वेतन का 12% का योगदान करते हैं, जो कर्मचारी के भविष्य के लिए जमा होता है।

EPF क्या है

ईपीएक किसी प्राइवेट/कंपनी/संस्था या अन्य जिसमें 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी हैं, तो आपके लिए EPF में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। 20 या उससे कम कर्मचारी होने पर स्वैच्छिक आधार पर भी रजिस्टर्ड किया जा सकता है। यह योजना आपके लंबे समय के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। EPFO के तहत काम करने वाले कर्मचारी इस योजना का लाभ प्राप्त करते हैं, और उन्हें एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दिया जाता है, जिससे वे अपने PF खातों को मैनेज कर सकते हैं।

EPF से मिलने वाले लाभों में रिटायरमेंट के समय पेंशन, बीमा और अन्य निकासी शामिल हैं। इसके अलावा, EPF में जमा राशि पर हर वित्तीय वर्ष की ब्याज दर लागू होती है, जो फिलहाल लगभग 8.25% है। EPF में जमा राशि का उपयोग कर्मचारी को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है जब वह रिटायर हो जाता है या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में कर सकता है।

EPF के नियम क्या हैं?

ईपीएफ एक सरकारी प्रावधान है जो नौकरीपेशा कर्मचारियों को भविष्य के लिए बचत और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। यह योजना कर्मचारियों और नियोक्ता दोनों की नियमित मासिक बचत के जरिए उन्हें रिटायरमेंट के बाद आर्थिक मदद् देती है।

ईपीएफ में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों हर माह कर्मचारी के मूल वेतन का एक निश्चित प्रतिशत (आमतौर पर 12%) 3.67% EPF और 8.33% EPS (पेंशन) के रूप मे योगदान देते हैं। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन संचालित होता है।

कर्मचारी का सारा योगदान भविष्य निधि खाते में जाता है जबकि कंपनी/संस्था/अन्य का योगदान दो हिस्सों में बंटता है — एक हिस्सा पेंशन फंड में और दूसरा ईपीएफ अकाउंट में

नौकरी के दौरान मेडिकल इमरजेंसी, घर खरीदना/बनवाना, शादी, उच्च शिक्षा, बेरोजगारी या रिटायरमेंट जैसे कारणों से आंशिक राशि निकाली जा सकती है। 54 वर्ष या उससे अधिक की उम्र या रिटायरमेंट के एक वर्ष पहले खाते की 90% तक राशि निकाली जा सकती है।

ईपीएफ के क्या फायदे है?

ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) के कई प्रमुख फायदे हैं, जो नौकरीपेशा कर्मचारियों के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित बनाते हैं। 

  • EPF के खास फायदे रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित फंड: नौकरी के दौरान हर महीने जमा रकम और ब्याज को रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त निकाल सकते हैं।
  • टैक्स छूट: EPF में जमा राशि और मिलने वाला ब्याज दोनों पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है।
  • इमरजेंसी में आंशिक निकासी: शादी, मेडिकल खर्च, मकान खरीदने या बनवाने जैसी ज़रूरतों के लिए आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है।
  • रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट: EPF सरकारी स्कीम है, इसलिए निवेश और ब्याज दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
  • यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN): EPF खाते का एक यूनिक नंबर मिलता है, जिससे नौकरी बदलने पर फंड ट्रांसफर, बैलेंस चेक, पासबुक डाउनलोड जैसी सुविधाएं ऑनलाइन मिलती हैं।
  • EPF में फैमिली को लाभकर्मचारी की मृत्यु होने पर नॉमिनी या परिवार को फंड मिलता है, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग मिलता है।

ईपीएफ पेंशन के क्या नियम हैं?

EPS पेंशन की पात्रता और शर्तेंकर्मचारी को EPS पेंशन का लाभ लेने के लिए कम से कम 10 वर्ष नौकरी (service) पूरी करनी अनिवार्य है। ईपीएस से मासिक पेंशन 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद मिलती है। यदि कर्मचारी 50 साल की उम्र के बाद लेकिन 58 वर्ष से पहले पेंशन लेना चाहता है, तो उसे “घटी हुई पेंशन” (Reduced Pension) का विकल्प मिलता है, जिसमें पेंशन राशि कम हो जाती है।

नौकरी के दौरान मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में भी परिवार या सदस्य पेंशन के हकदार होते हैं। नियोक्ता (employer) कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 8.33% हर महीने EPS खाते में जमा करता है (बेसिक + DA, अधिकतम ₹15,000 तक पर)।

EPS पेंशन की गणना: पेंशन की मासिक राशि का कैलकुलेशन फॉर्मूला है: “मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन) × (पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70 “पेंशन योग्य वेतन: अंतिम 60 महीनों का औसत बेसिक + डीए (अधिकतम ₹15,000) पेंशन योग्य सेवा: कुल नौकरी के वर्षों की संख्या (अधिकतम 35 वर्ष तक)

EPS पेंशन 58 वर्ष पूरी करने के बाद दो साल और (मतलब 60 वर्ष) तक पेंशन लेने में देरी करने पर हर साल 4% अतिरिक्त पेंशन मिलती है। अगर 10 साल से कम नौकरी की है, तो पेंशन की जगह निकासी (withdrawal benefit) क्लेम किया जा सकता है, लेकिन मासिक पेंशन नहीं मिलेगी। नॉमिनी/परिवार को भी EPS के तहत पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलता है।

ईपीएफ का पैसा कैसे निकाले?

EPF/ईपीएफ का पैसा निकालने के लिये इम्पलॉय को बैंक एकाउंट न0, आधार नं0 और पैन नं0, दर्ज होना अनिवार्य है। इसके अलावा सभी दस्तावेजो पर कोई त्रुटि या मिसमैच नही होना चाहिये। इसके पश्चात् ही इम्पलॉय अपना UAN Number पर सभी दस्तावेजों को दर्ज कर KYC करा सकते है। KYC के पश्चात् ही इम्पलॉय का ईपीएफ पैसा निकासी की जा सकती है। सामान्यतः KYC के पश्तात् इम्पलॉय दो माध्यम से ईपीएफ पैसा निकासी कर सकता है, जो KYC के पश्चात् ही सम्भव है-

01. ऑनलाइन तरीका (UAN पोर्टल): कोई भी इम्पलॉय अपने UAN और पासवर्ड के साथ EPFO मेंबर पोर्टल में लॉग-इन करके, Online Services’ टैब में जाकर ‘Claim (Form-31, 19 & 10C)’ चुनें बैंक खाते की जानकारी वेरिफाई कर Advance या Settlement के लिए क्लेम कर सकता है।

Universal Account Number (UAN)
MEMBER e-SEWA login Portal

02. UMANG ऐप द्वारा: कोई भी इम्पलॉय अपने वेरीफाई UAN के बाद UMANG मोबाइल ऐप से भी फॉर्म भरकर आंशिक/पूर्ण निकासी के लिए क्लेम कर सकता हैं।

Umang Mobile App

EPF क्लेम सबमिट करने के पश्तात्, 5 से 10 दिन के भीतर क्लेम अप्रूव होने पर राशि बैंक खाते में भेज दी जाती है।

EPF/ESI Services

ईपीएफ क्लेम निकालने के मुख्य शर्ते-

ईपीएफ का पैसा क्लेम करने से पहले यह समझना आवश्यक होगा कि किसी इम्पलॉय को अपने EPF पैसा निकालने के लिये क्या क्या कारण और क्या अवधि होना आवश्यक है, अन्यथा किये गये क्लेम की गयी राशि को EPFO व्दारा रिजेक्ट कर दिया जाता है।

निकासी का कारणनौकरी/सेवा की अवधिनिकासी की रकममहत्वपूर्ण शर्ते/सीमाए
रिटायरमेंट55 साल की उम्रपूरी राशिरिटायरमेंट के बाद
बेरोजगारी1-2 माह75% से 100%1 माह की बेरोजगारी पर 75% व दो माह पर 100%
मेडिकल इमरजेंसीकोई न्यूनतम् नौकरी अवधि नहीजमा राशि का गुना कर्मचारी योगदान जितना कम होपरिवार भी लाभ ले सकता है।
घर खरीदना/बनवाना5 साल नौकरीवेतन का 24-36 गुनास्वयं/पति-पत्नी ही ले सकते है।
लोन भुगतान3 साल नौकरी90% राशिघर खरीदने के लिये
शादी/शिक्षा7 साल नौकरीकर्मचारी योगदान का 50%शादी शिक्षा के लिये

ईपीएफ का पैसे निकालने या सम्बन्धित जानकारी के लिये Contact form मे सम्पर्क करे।

Rahul Pal (Prasenjit)
Rahul Pal (Prasenjit)https://mylegallaw.com
मै पिछसे 8 वर्षो से टैक्स सलाहकार के रूप मे कार्यरत् हूं, इसके अलावा मेरा शौक टैक्स सम्बन्धी आर्टिकल एवंम् कानून से सम्बन्धित जानकारियां आपके साथ साझा करने का है। पेशे से मै एक वकील एवंम् कर सलाहकार हूं।
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