HomeCrPC (Code of Criminal Procedure)सीआरपीसी की धारा 115 | वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति देने की शक्ति...

सीआरपीसी की धारा 115 | वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति देने की शक्ति | CrPC Section- 115 in hindi| Power to dispense with personal attendance.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 115 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 115 कब लागू होती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 115 का विवरण

दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में धारा 115 के अन्तर्गत यदि किसी मामले में मजिस्ट्रेट को पर्याप्त कारण दिखाई देता है कि वह ऐसे किसी व्यक्ति को, जिससे इस बात का कारण दर्शित करने की अपेक्षा की गई है कि उसे परिशान्ति कायम रखने या सदाचार के लिए बन्धपत्र निष्पादित करने के लिये आदेश क्यों न दिया जाए, तो यह धारा 115 के अंतर्गत उस मजिस्ट्रेट को यह शक्ति होती है कि वह किसी व्यक्ति को वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकता है और प्लीडर द्वारा हाजिर होने की अनुज्ञा दे सकता है।

जब मजिस्ट्रेट को पर्याप्त कारण ज्ञात हो कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को न्यायालय में प्रत्येक समय न्यायालय में उपस्थित होना संभव नही है, तो CrPC की धारा 115 न्यायालय के मजिस्ट्रेट को यह शक्ति होती है कि वह किसी व्यक्ति को वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकता है और प्लीडर द्वारा हाजिर होने की अनुज्ञा दे सकता है।

सीआरपीसी की धारा 115 के अनुसार

वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति देने की शक्ति–

यदि मजिस्ट्रेट को पर्याप्त कारण दिखाई देता है तो वह ऐसे किसी व्यक्ति को, जिससे इस बात का कारण दर्शित करने की अपेक्षा की गई है कि उसे परिशान्ति कायम रखने या सदाचार के लिए बन्धपत्र निष्पादित करने के लिये आदेश क्यों न दिया जाए, वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकता है और प्लीडर द्वारा हाजिर होने की अनुज्ञा दे सकता है।

Power to dispense with personal attendance-
The Magistrate may, if he sees sufficient cause, dispense with the personal attendance of any person called upon to show cause why he should not be ordered to execute a bond for keeping the peace or for good behavior and may permit him to appear by a pleader.

हमारा प्रयास सीआरपीसी की धारा 115 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

Rahul Pal (Prasenjit)
Rahul Pal (Prasenjit)https://mylegallaw.com
मै पिछसे 8 वर्षो से टैक्स सलाहकार के रूप मे कार्यरत् हूं, इसके अलावा मेरा शौक टैक्स सम्बन्धी आर्टिकल एवंम् कानून से सम्बन्धित जानकारियां आपके साथ साझा करने का है। पेशे से मै एक वकील एवंम् कर सलाहकार हूं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

RAHUL Singh tomer on NRC क्या है :-