HomeIPC (Indian Panel Code)धारा- 310 ठग (IPC 310)

धारा- 310 ठग (IPC 310)

भारतीय दंड संहिता की धारा 310 के अनुसार-

जो कोई इस अधिनियम के पारित होने के पश्चात् किसी समय हत्या व्दारा या हत्या सहित लूट या शिशुओं की चोरी करने के प्रयोजन के लिए अन्य व्यक्ति या अन्य व्यक्तियों से स्वभावतः संबद्ध रहता है वह ठग कहलाता है।

साधारण भाषा मे हम समझ सकते है ठग क्या है आइये जानते है – कोई व्यक्ति हत्या व्दारा या हत्या सहित, लूट व डकैती करता है या बच्चो की चोरी करता है, तो उसे ठग कहा जाता है। ठग किसी के साथ छल करके कोई सम्पत्ति अथवा कोई बहुमूल्य वस्तु ले लेने को ठग नही कहते है । 


धारा-306 आत्महत्या के लिए उकसाना (IPC-306 Abetment of suicide)


धारा-309 आत्महत्या प्रयत्न के लिये दंड (IPC-309 Attempt to commit suicide)


धारा-307, हत्या करने का प्रयत्न (IPC Section-307 Attempt to Murder)


धारा-302 हत्या के लिये दण्ड (IPC-302 Punishment for Murder)


धारा-303 आजीवन कारावास से दण्डित व्यक्ति व्दारा हत्या के लिए दण्ड (IPC-303 Punishment for murder by life-convict)


धारा-304 हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या के लिए दण्ड (IPC-304 Punishment for culpable homicide not amounting to murder)


धारा-305 शिशु या उन्मत्त व्यक्ति की आत्महत्या का दुष्प्रेरण (IPC-305 Abetment of suicide of child or insane person)


धारा-308 गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास (IPC-308 Attempt to commit culpable homicide)

Rahul Pal (Prasenjit)
Rahul Pal (Prasenjit)https://mylegallaw.com
मै पिछसे 8 वर्षो से टैक्स सलाहकार के रूप मे कार्यरत् हूं, इसके अलावा मेरा शौक टैक्स सम्बन्धी आर्टिकल एवंम् कानून से सम्बन्धित जानकारियां आपके साथ साझा करने का है। पेशे से मै एक वकील एवंम् कर सलाहकार हूं।
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